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A private company has offered to bring home Jharkhand’s stranded migrant workers from Andaman and Nicobar Islands by a charter flight | अंडमान में फंसे प्रवासी मजदूरों को चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए वापस भेजेगी निजी कंपनी, 2 दिन पहले मुख्यमंत्री सोरेन ने मदद मांगी थी

  • झारखंड सरकार ने लेह, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में फंसे श्रमिकों को दो बैच में एयरलिफ्ट कर झारखंड पहुंचाया
  • सरकार अब तक 4.5 लाख श्रमिकों को उनके गृह जिलों तक पहुंचा चुकी है

दैनिक भास्कर

Jun 03, 2020, 08:29 PM IST

दिल्ली की निजी कंपनी ने अंडमान और निकोबार में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूरों को चार्टर्ड फ्लाइट से वापस राज्य भेजने की पेशकश की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की। इसके मुताबिक, कंपनी 4 जून को पोर्ट ब्लेयर से चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए इन श्रमिकों को भेजेगी।

दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवासी मजदूरों को झारखंड वापस लाने के लिए इंडस्ट्री और कॉरपोरेट हाउसेस से मदद मांगी थी। 

लेह से 60 मजदूर फ्लाइट के जरिए झारखंड लौटे

इससे पहले, सरकार ने लेह और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में फंसे राज्य के श्रमिकों को एयरलिफ्ट कर अलग-अलग दो बैच में झारखंड पहुंचाया था। शनिवार को 180 प्रवासी श्रमिक फ्लाइट के जरिए झारखंड लौटे थे। एक दिन पहले, लेह में सीमा सड़क संगठन की परियोजना में लगे 60 प्रवासी कामगार फ्लाइट के जरिए झारखंड लौटे थे।

मुख्यमंत्री सोरेन ने गृह मंत्री से मदद मांगी थी

मुख्यमंत्री सोरेन ने लद्दाख, उत्तर पूर्वी राज्यों में फंसे श्रमिकों के मुद्दे पर 21 मई को गृह मंत्री अमित शाह से बात की थी। उन्होंने शाह से श्रमिकों को वापस लाने के लिए हवाई यात्रा की अनुमति देने की गुजारिश की थी। राज्य सरकार 7.5 लाख रजिस्टर्ड प्रवासी मजदूरों में से 4.5 लाख को अब तक उनके गृह जिलों तक पहुंचा चुकी है। 

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