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Bhagalpur News In Hindi : Sadar’s OPD closed for two days without making any alternative arrangements, will cause trouble for 500 patients | बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए ही दो दिन बंद किया सदर का ओपीडी, राेज 500 मरीजाें काे हाेगी दिक्कत

  • प्राइवेट क्लीनिक नहीं कर रहे सभी प्रकार के मरीजाें का इलाज

दैनिक भास्कर

Jul 13, 2020, 06:32 AM IST

भागलपुर. काेराेना मरीजाें की रफ्तार तेज हाेते ही बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए सदर अस्पताल का ओपीडी और एसएनसीयू काे दाे दिन के लिए बंद कर दिया है। यहां ओपीडी में हर दिन पांच साै से ज्यादा मरीजाें का इलाज हाेता है। मायागंज अस्पताल में पहले से ही ओपीडी बंद है। इमरजेंसी में भी मुश्किल से एंट्री मिलती है। प्राइवेट क्लीनिकाें में डाॅक्टर सभी बीमारियाें का इलाज नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मरीजाें के लिए सदर अस्पताल ही एक सहारा था। लेकिन विभाग ने इसकी काेई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। अस्पताल में डिलीवरी के बाद कम वजन वाले नवजाताें काे तत्काल एसएनसीयू की जरूरत हाेती है पर यह सुविधा भी दाे दिन नहीं मिलेगी। क्याेंकि इस सेंटर से भी काेराेना पाॅजिटिव मिल चुके हैं और इसे सैनिटाइज किया जा रहा है। ओपीडी में टीबी मरीजाें की स्क्रीनिंग, बीपी जांच, डाॅग बाइट का इंजेक्शन, गर्भवतियाें की जांच, एक्सरे जांच, आंखाें की जांच, दिव्यांगाें की जांच, सामान्य मरीजाें के सर्दी-खांसी, बुखार व अन्य बीमारियाें के इलाज हाेता है।

मायागंज में केवल काेराेना व इमजेंसी के मरीजाें का इलाज 
मायागंज में इस समय काेराेना के अलावा इमरजेंसी में गंभीर मरीजाें का इलाज हाे रहा है। ओपीडी बिल्डिंग में भी 40 बेड का इमरजेंसी बनाया गया है। एसएनसीयू में 10 बेड पर नवजाताें का इलाज हाेता था। यहां जिला के सभी पीएचसी और सदर से रेफर हाेनेवाले नवजाताें काे भर्ती किया जाता था। खासताैर पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में खून की कमी के चलते लाे बर्थ या समय से पहले डिलीवरी हाेने की वजह से तत्काल अाॅक्सीजन व इंक्यूबेटर की जरूरत नवजाताें काे हाेती हैै। 

मेरे पास दूसरा काेई उपाय नहीं
सदर अस्पताल काे सैनिटाइज कराना जरूरी है। इसलिए ओपीडी व एसएनसीयू दो दिन बंद किया गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए इमरजेंसी है पर दूसरा उपाय मेरे पास नहीं है।
डाॅ. विजय कुमार सिंह, सिविल सर्जन

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