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Bihar: Rivers in Buxar district in spate | बिहार: बक्सर में नदियां उफान पर, लोग जान जाेखिम में डालकर बांस के टूटे पुल से नदी पार कर रहे

दैनिक भास्कर

Jul 14, 2020, 11:31 AM IST

नई दिल्ली. बिहार के बक्सर जिले की नदियों में उफान आने लगा है। चौसा, आलमनगर के बाद अब कुमारखंड ब्लॉक की नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। कुमारखंड में लगातार कई दिनों से हो रही बारिश के कारण सुरसर नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।दूरदराज के इन ग्रामीण इलाकों में नदियों पर बांस के पुल बनाए गए। ये पुल भी जर्जर हो चुके हैं, पर गांववाले इन्हीं पुलों से नदी पार करने के लिए मजबूर हैं।    

बाढ़ से बचाव की तैयारी, एक-एक बोरी मिट्टी लेकर रास्ते में किया भराव

फोटो झारखंड के हजारीबाग जिले के इचाक में उग्रवाद प्रभावित बभनी, बांका गांव की है। हर साल बारिश के दिनों में नाला उफान पर होता है और गांव के लोग ब्लॉक मुख्यालय से कट जाते हैं। इचाक से 15 किमी दूर इन गांवों में अब तक सरकार नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने खुद पहल की। गांव के 50 महिला-पुरुषों ने चार दिनों में रास्ता बनाया और नाले पर बांस-बल्ली का पुल भी तैयार कर लिया। ग्रामीणों ने सोमवार को पुल का उद‌्घाटन भी दिलचस्प अंदाज में किया। 500 महिलाओं ने पैदल चलकर पुल पार किया। वे एक-एक बोरा मिट्टी भी साथ ले गईं, ताकि रास्ते के गड्ढे का भराव किया जा सके। 

नदी में जाता स्कूल

बिहार में बारिश के बाद कोसी और गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे बिहार के बिहपुर, खरीक, इस्माइलपुर, रंगरा सहित अन्य ब्लॉक के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं बिहपुर ब्लॉक के हरिओ पंचायत के गोविंदपुर गांव में कटाव जारी है। सोमवार को मिडिल स्कूल का तीन चौथाई हिस्सा कोसी में समा गया। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल का बाकी बचा हिस्सा कभी भी नदी में विलीन हो सकता है। यहां दो दिन में सात घर कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं। इससे पहले करीब एक महीने पहले 50 से ज्यादा घर कोसी की गोद में समा चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव की 95% आबादी विस्थापित हो चुकी है।

नेपाल में लगातार बारिश से बिहार की नदियां उफान पर

नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद उत्तर बिहार की गंडक, कोसी, बागमती, कमला बलान, भूतही बलान, अधवारा, महानंदा और परमान नदियां लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंडक नदी पर वाल्मीकिनगर में जबकि कोसी पर वीरपुर में बैराज है। सोमवार की सुबह तक वाल्मीकिनगर बराज पर 2.60 लाख क्यूसेक पानी था। कोसी के वीरपुर बराज पर पानी की मात्रा 2.46 लाख क्यूसेक पर पहुंच गई है।

ढाई घंटे बारिश, कुंड भी लबालब 

राजस्थान के नागौर में सोमवार को क्षेत्र में ढाई घंटे तेज बारिश हुई। बारिश से क्षेत्र के पानी के स्रोत पानी से लबालब हो गए। पास ही स्थित धार्मिक स्थल पांचोता कुंड सोमवार को इस सीजन की पहली तेज बारिश से भर गया। कुंड के आसपास की पहाड़ियों से निकले नाले लबालब हो गए। नाले को पार करने के दौरान एक बाइक सवार की बाइक बह गई। एक ट्रैक्टर भी नाले में फंस गया। 

314 लाख क्यूसेक पानी छूटा

नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण वाल्मीकि डैम से पानी का डिस्चार्ज हर घंटे हो रहा है। नेपाल में मध्यम दर्जे की बारिश होने पर 2-2 घंटे के अंतराल पर पानी छोड़ा जाता है। दो दिनों से भारी बारिश के कारण हर घंटे पानी डिस्चार्ज हो रहा है। सोमवार का सर्वाधिक डिस्चार्ज 3 लाख 3 हजार 800 क्यूसेक बताया गया। इससे दियारे के हालात आज और बिगड़ सकते हैं।

 कोरोना पॉजिटिव मरीज को ले जा रही एंबुलेंस पंक्चर, स्वास्थ्यकर्मियों ने बदला टायर

फोटो छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पत्थलगडा की है। सोमवार को कोरोना संक्रमित मरीजों को लाने के लिए पत्थलगडा पहुंचे स्वास्थ्य कर्मी असहज दिखे। पत्थलगडा गांव से एंबुलेंस में एक संक्रमित मरीज को बैठाकर दूसरे मरीज को लाने के लिए दुंबी गांव पहुंचे तो एंबुलेंस पंक्चर हो गई। स्वास्थ्य कर्मी पीपीई किट पहने थे और गर्मी से परेशान थे। आसपास कोई गैरेज और मिस्त्री के नहीं मिलने के बाद उन्होंने ही टायर बदला और दूसरे मरीज को लेने के लिए गए।

पहली बार रंगीन ध्वजों से सजाया सवारी मार्ग

श्रावण में महाकालेश्वर की दूसरी सवारी सोमवार को नए मार्ग पर ही निकाली गई। सवारी मार्ग को पहली बार रंगीन ध्वजों से सजाया गया। लाल कारपेट, गमले, रंगोली से सजे मार्ग पर एक जगह श्रद्धालु ने गुलाब की पंखुड़ियां भी बिछा दी। सवारी जब रामघाट से वापस लौटी तो देवी हरसिद्धि मंदिर के सामने पहली बार अद्भुत नजारा बन गया। मंदिर के द्वार पर आतिशबाजी की वंदनवार थी। मंदिर के द्वार पर हरसिद्धि मंदिर प्रबंध समिति की ओर से दामाद महाकाल का पूजन कर आरती कर सोला-उत्तरीय, साफा, मिठाई, फल, पंचमेवा भेंट किए। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने वधु हरसिद्धि के लिए सुहाग जोड़ा भेंट किया।

शेर भी तैरते हैं…

आमतौर पर आपने शेरों को तैरते हुए नहीं देखा होगा, लेकिन गुजरात में जूनागढ़ के रावल तालाब का एक वीडियो सामने आया है। इसमें तीन शेर तैरकर तालाब पार करते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो वनक्षेत्र के बीटगार्ड आरएस सारला ने अपने कैमरे में कैद किया है। गिर पूर्व वन विभाग के डीएफओ डॉ. अंशुमान शर्मा ने बताया कि हो सकता है शेरों ने शिकार की तलाश में तालाब पार किया हो। यह वीडियो इस बात को गलत ठहराता है कि सिंहवंश पानी में तैर नहीं सकता।

सुकून में हिरण

सावन में हरियाली बढ़ने के साथ बारां जिले में सोरसन और उसके आसपास का इलाका हिरणों को सुकून दे रहा है। इन दिनों घास से लेकर पानी और अन्य स्थितियां इनके लिए बेहतर हो गई हैं और इसी कारण आपको हिरणों के झुंड आसानी से नजर आ जाते हैं। इस इलाके की खासियत ये है कि यहां ग्रामीणों ही हिरणों की सुरक्षा के लिए सारे इंतजाम करते हैं। इसी कारण यहां हिरणों की तादाद लगातार बढ़ रही है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सोरसन और उसके आसपास के इलाके में 2400 से अधिक काले हिरण हैं। 



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