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CEO of CAPF canteen removed, Center verdict after dispute over list of non-indigenous products in these canteen | सीएपीएफ कैंटीन के सीईओ को हटाया गया, इन कैंटीन में गैर-स्वदेशी उत्पादों की लिस्ट पर विवाद के बाद केंद्र का फैसला

  • केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार ने एक जून से केवल स्वदेशी उत्पादों की बिक्री करने का फैसला लिया था
  • गृह मंत्रालय के आदेश के बाद कैंटीन प्रशासन को चंद घंटों में ही वापस लेना पड़ा था फैसला

दैनिक भास्कर

Jun 04, 2020, 06:41 PM IST

नई दिल्ली. पैरामिलिट्री फोर्स ने बीते सोमवार को एक हजार विदेशी उत्पादों के कैंटीन में बेचे जाने पर पाबंदी लगाने का फैसला किया था। इसके चंद घंटे बाद ही गृह मंत्रालय ने आदेश जारी पर गैर-स्वदेशी यानी विदेशी उत्पादों की लिस्ट को होल्ड कर दिया था। अब मंत्रालय ने सीएपीएफ कैंटीन के सीईओ को उनके पद से हटा दिया है।

मंत्रालय के इस फैसले को विदेशी उत्पादों के विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें कि गृह मंत्रालय ने 13 मई को घोषणा की थी कि देशभर की 1700 सेंट्रल पुलिस या सीएपीएफ कैंटीन में सिर्फ स्वदेशी उत्पादों की ही बिक्री होगी।

मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का मंत्र दिया था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत का मंत्र दिया था। देशवासियों से अपील की थी कि वे स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल करें, उसे बढ़ावा दें। इसके बाद गृह मंत्रालय ने अपने अधीन आने वाले विभागों और सशस्त्र बलों में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का फैसला लिया था। सेना भी इसी राह पर है। आर्मी प्रमुख ने पिछले दिनों कहा था कि वह कई विदेशी उत्पादों को सेना से बाहर कर रहे हैं। 

पैरामिलिट्री ने इन उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया था
फुटवियर, स्केचर, रेड बुल ड्रिंक, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, कपड़े, टूथ पेस्ट, हॉरलिक्स, शैंपू, बैग समेत कई विदेशी उत्पादों पर रोक लगाई थी। कहा गया था कि इनकी जगह केवल स्वदेशी चीजें इस्तेमाल में लाई जाएंगी। जवानों से भी अपील की गई थी कि वे विदेशी सामान का पूरी तरह बहिष्कार करें।  

10 लाख जवान, 50 लाख परिजन करते हैं प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल
पैरामिलिट्री फोर्स में सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, एनएसजी, असम राइफल्स के करीब दस लाख से ज्यादा जवान हैं। इनके परिवार के सदस्यों को मिला लें तो 50 लाख से ज्यादा लोग सेंट्रल पुलिस कैंटीन से खरीदारी करते हैं।

इसको देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि अब ये जवान स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी करेंगे। गृह मंत्रालय ने इसके लिए तीन कैटेगरी बनाई थी। सबसे ज्यादा प्राथमिकता उन प्रोडक्टस को दिया जाना था, जो पूरी तरह से भारत में तैयार हुए हैं और भारतीय कंपनी के होंगे।

दूसरी कैटेगरी में उन्हें शामिल किया गया, जिनका कच्चा माल आयात होता हैं, लेकिन उत्पादन भारत में होता है। केवल इन्हीं दोनों कैटेगरी के उत्पादों की बिक्री की मंजूरी थी। तीसरी कैटैगरी में पूरी तरह से विदेशी उत्पाद को रखा गया है, जिस पर पाबंदी लगाई गई थी। जिसे अब वापस ले लिया है। जल्द ही नई सूची जारी करने की बात मंत्रालय ने की है।

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