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Cyclone Nisarga weaken into a well marked low pressure area by today evening says IMD | निसर्ग कमजोर पड़ा, मौसम विभाग ने कहा- शाम तक और हल्का होगा; मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा खंडवा में 132 मिमी बारिश हुई, 18 जिलों में अलर्ट

  • तूफान की वजह से बुधवार को महाराष्ट्र में 5 लोगों की मौत हुई, सैंकड़ों पेड़ गिरे
  • 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली और कई इलाकों में तेज बारिश हुई

दैनिक भास्कर

Jun 04, 2020, 02:45 PM IST

मुंबई. चक्रवाती तूफान निसर्ग महाराष्ट्र के पश्चिमी विदर्भ इलाके में अब कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि अब ये पूर्वी और उत्तर-पूर्वी इलाकों की तरफ बढ़ते हुए शाम तक और कमजोर होगा। निसर्ग के असर को देखते हुए मध्यप्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। 

गुरुवार दोपहर तक यहां खंडवा में सबसे ज्यादा 132 मिमी बारिश हुई। बड़वानी में 97 मिमी बारिश हुई। इंदौर में 51 और भोपाल में 23 मिमी बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक,  इंदौर में गुरुवार को दिनभर में 10 सेमी (लगभग 4 इंच) पानी बरस सकता है। इसके साथ ही भोपाल में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 

मध्यप्रदेश इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, रायसेन, सीहोर, होशंगाबाद, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, देवास, छिंदवाड़ा, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और शाजापुर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। इसके साथ भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, शहडोल और चंबल संभागों में तेज हवा के साथ-साथ गरज चमक के साथ बारिश होगी।

मुंबई से 50 किलोमीटर पहले तूफान ने रास्ता बदला

निसर्ग तूफान ने बुधवार को महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में नुकसान पहुंचाया। रायगढ़ और पुणे में दो-दो और पालघर में एक की मौत हो गई। तेज हवा से सैंकड़ों पेड़ गिर गए और कई घरों को नुकसान हुआ। 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली और कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। राहत की बात ये रही कि मुंबई से 50 किमी पहले ही तूफान ने समुद्र में रास्ता बदल लिया।  इससे बड़ा नुकसान नहीं हुआ। महाराष्ट्र में अंधेरी, सांताक्रूज, मलाड, किंगसर्कल, अमर  महल जंक्शन, पवई और महिम में कई इलाकों में एक से दो फीट तक पानी भर गया। 

मौसम विभाग पश्चिम भारत के उप महानिदेशक केएस होसालिकर ने बताया, “निसर्ग बुधवार की दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे के बीच श्रीवर्धन के पास टकराया। फिलहाल यह तूफान कमजोर पड़कर पुणे और नासिक के पास से गुजरकर मध्य प्रदेश की ओर बढ़ गया।”

निसर्ग से बचने पर सीएम ने कहा- मुंबई पर मुंबा देवी की कृपा
निसर्ग को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा,”महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का प्रकोप तो था ही, ऐसे में चक्रवात का झटका सहना पड़ा। यह संकट बहुत बड़ा था, लेकिन जनता और प्रशासन ने मिलकर इसका सामना किया। मुंबई पर मुंबा देवी की कृपा है और पंढरपुर के विठू माऊली का आशीर्वाद है।”

एक लाख लोग सुरक्षित इलाकों में पहुंचाए गए थे
अरब सागर में उठा तूफान बुधवार दोपहर 12:30 बजे रायगढ़ के अलीबाग में समुद्र तट से टकराया। यह इलाका मुंबई से 95 किमी दूर है। तूफान के दौरान बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की 43 टीमें तैनात थीं। 21 महाराष्ट्र और 16 गुजरात में थीं। दोनों राज्यों के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले 40-40 हजार लोग पहले ही सुरक्षित इलाकों में पहुंचाए दिए गए थे। दमन और दीव में करीब 20 हजार लोगों को निकालकर शेल्टर होम्स पहुंचाया गया।

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