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Martyred Bihar Jawan Sunil Kumar Last Rites Today In Patna Updates | India-China Border Galwan Ladakh Valley Clash News | शहीद कर्नल संतोष बाबू की पार्थिव देह को 4 साल के बेटे ने सैल्यूट किया, बिहार के सुनील को 10 साल के बेटे ने मुखाग्नि दी

  • शहीद सुनील कुमार की 15 किलोमीटर की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए
  • गलवान घाटी में भारत-चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी, इसी में उनकी जान चली गई

दैनिक भास्कर

Jun 18, 2020, 08:16 PM IST

पटना. लद्दाख की गलवान घाटी में सरहद की हिफाजत के दौरान शहीद हुए जवानों को गुरुवार को अंतिम विदाई दी गई। शहीदों के आखिरी सफर में शामिल होने के लिए शहर के शहर, गांव के गांव उमड़ पड़े। कुछ मंजर तो ऐसे थे, जिन्हें देखकर लोगों के दिल पसीज गए।

तेलंगाना के शहीद कर्नल संतोष बाबू के अंतिम संस्कार में सभी की नजरें उनके 4 साल के बेटे अनिरुद्ध पर थीं। चेहरे पर मास्क लगाए अनिरुद्ध ने सैल्यूट करके अपने पिता को आखिरी विदाई दी। संतोष बाबू की बॉडी पर लपेटे गए तिरंगे को जब सेना के अफसर ने उनकी पत्नी को सौंपा, तो वे फूट-फूटकर रो पड़ीं।

शहीद कर्नल संतोष बाबू की पत्नी को तिरंगा सौंपते सेना के अधिकारी।

बिहार: सुनील के परिवार की गुहार- चीन का बहिष्कार हो

पटना के शहीद सुनील कुमार को उनके 10 साल के बेटे आयुष ने मुखाग्नि दी। सुनील के पैतृक गांव बिहटा के तारानगर से मनेर स्थित गंगा घाट तक शहीद सुनील की अंतिम यात्रा निकली। इसमें हजारों लोग शामिल हुए। पंजाब में नायब सूबेदार सतनाम सिंह को अंतिम विदा करने के लिए पूरा गुरदासपुर उमड़ आया। लोगों ने शहीद अमर रहे के नारे लगाए।

शहीद सुनील कुमार की पत्नी रीति कुमारी ने कहा कि सरकार चीन से मेरे पति की शहादत का बदला ले। लोग चीन के सामानों का बहिष्कार करें। चीन सीमा पर हमारे सैनिकों की जान ले रहा है और पैसे कमाने के लिए यहां सामान बेच रहा है। भारत में चीन का कोई प्रोडक्ट नहीं बिकना चाहिए।

शहीद सुनील का अंतिम दर्शन करतीं उनकी पत्नी (केसरिया रंग की साड़ी में)।

मनेर स्थित गंगा घाट के लिए करीब 15 किलोमीटर की अंतिम यात्रा में शहीद के पार्थिव शरीर के साथ हजारों की संख्या में लोग चल रहे थे। रास्ते में लोगों ने पार्थिव शरीर पर फूल बरसाए। इस दौरान लोगों ने शहीद सुनील भैया अमर रहें और हिन्दुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। लोगों ने चीनी सामानों के बहिष्कार का नारा भी बुलंद किया।

शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जुटे लोग।

पार्थिव शरीर को सेना के वाहन पर रखा गया था। बिहार रेजिमेंट के जवान और अधिकारी बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सेना के जवानों की मौजूदगी में गंगा के हल्दी छपरा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उस वक्त राष्ट्रध्वज लेकर लोग भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। पार्थिव शरीर गंगा घाट पर लाया गया, तब बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद भी लोग टस से मस नहीं हुए।

अंतिम संस्कार के पहले सेना के अधिकारियों ने सुनील के बेटे आयुष को तिरंगा सौंपा।
शहीद सुनील की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग जुटे। लोग हाथों में तिरंगा लिए थे। 

सुनील के तीन बच्चे

सुनील के पिता का नाम बासुदेव साव और मां का नाम रुक्मिणी देवी है। उनकी 2002 में नौकरी लगी थी। 2004 में अरवल जिले के सकड़ी गांव की रीति कुमारी से शादी हुई थी। सुनील के तीन बच्चे हैं। 10 साल का आयुष, 5 साल का विराट और एक बेटी सोनाली है। उसकी उम्र 12 साल है। 

पंजाब: दोस्तों ने कहा- मनदीप की शहादत पर गर्व

पंजाब के पटियाला के नायब सूबेदार मनदीप सिंह के परिजनों और दोस्तों का कहना है मनदीप बहादुरी से लड़ते हुए देश के लिए शहीद हो गए। उनकी शहादत पर गर्व है।

शहीद मनदीप सिंह के परिजन।

लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीन के सैनिकों ने भारतीय जवानों पर हमला कर दिया। झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। जख्मी हुए सैनिकों में से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। चीन के भी 40 सैनिक मारे जाने की खबर है, हालांकि उसने यह कबूला नहीं है।

शहीद के पिता बोले- बेटा छाती चौड़ी कर गया, दूसरे बेटे को भी सेना में भेजेंगे
शहीद अमन कुमार बिहार के समस्तीपुर के सुलतानपुर गांव के रहने वाले थे। एक साल पहले अमन की शादी हुई थी। बेटे के शहीद होने की खबर पर पिता सुधीर कुमार सिंह आंसू नहीं रोक पा रहे थे। उन्होंने कहा कि बेटा देश के लिए शहीद होकर छाती चौड़ी कर गया। जरूरत होगी तो हम दूसरे बेटे को भी सेना में भेजेंगे।

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