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Patna News In Hindi : CM Nitish Kumar said – no migrant, everyone is their own | सभी को बिहार में ही रोजगार मिलेगा, राेजी-राेटी के लिए अब किसी काे बाहर जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत- सीएम नीतीश कुमार

  • संकट की घड़ी में केंद्र ने की हर संभव मदद, स्पेशल ट्रेन से आए प्रवासी श्रमिकों को किराए के अलावा 500 रुपए देगी सरकार

दैनिक भास्कर

Jun 04, 2020, 07:48 AM IST

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बाहर से आए सभी लोगों को बिहार में ही रोजगार मिलेगा। किसी को सिर्फ रोजी-रोटी के संकट के कारण बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुझे खुशी है कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान लोगों को वापस लाने के लिए ट्रेन चलाने की हमारी मांग को स्वीकार किया। जितने भी प्रवासी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से बिहार आए, उनको हमने ट्रेन किराए के अलावा 500 रुपए अतिरिक्त (न्यूनतम 1000) देने का फैसला किया। फरवरी-मार्च और अप्रैल में हुई फसल क्षति की भरपाई के लिए अबतक 12.35 लाख किसानों को 417 करोड़ रुपए दिए गए हैं। तीन माह के सामाजिक सुरक्षा पेंशन के एकमुश्त भुगतान के लिए 1017 करोड़ रुपए, जबकि छात्रवृत्ति, साइकिल और पोशाक के लिए स्कूली छात्र-छात्राओं को 3261 करोड़ रुपए दिए गए। वह पंचायत और नगर निकाय प्रतिनिधियों से वीडियाे कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर रहे थे।

सरकार के कामकाज की दी जानकारी

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के कामकाज की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन खाते में रकम ट्रांसफर की गई है। उज्ज्वला योजना के तहत लाभुकों को नि:शुल्क रसोई गैस मुहैया कराई जा रही है। राशन कार्डधारियों के लिए केंद्र ने प्रति परिवार 5 किलो चावल और 1 किलो दाल 3 माह के लिए दिया है। केंद्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में एक-एक हजार रुपए भेजे गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों का 50 लाख रुपए का बीमा कराया गया है।

राज्य में आइसोलेशन बेड की संख्या होगी 40 हजार 

देश की तुलना में बिहार में हालात अब भी बेहतर हैं, लेकिन खतरा बढ़ रहा है। राज्य में 3 मई के बाद संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए हमें अपनी तैयारी रखनी है। बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस संक्रमितों को रखने के लिए आइसोलेशन बेड की संख्या 13796 से बढ़ाकर 40 हजार की जाएगी। संक्रमण के लक्षण दिखने वाले मरीजों के लिए अनुमंडल स्तर पर कोविड हेल्थ सेंटर में 3811 बेड की व्यवस्था है, जबकि गंभीर रूप से बीमार होने वाले मरीजों के लिए एनएमसीएच, भागलपुर और गया मेडिकल कॉलेज में 2344 बेड हैं। इनकी संख्या भी बढ़ायी जाएगी। 

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