BIHARMIRROR

Welcome to Biharmirror

Patna News In Hindi : IGIMS facility for laser surgery from August, glasses will be relieved for 20 thousand rupees | आईजीआईएमएस में अगस्त से लेसिक सर्जरी की सुविधा, 20 हजार रुपए में चश्मा से मिलेगी मुक्ति

  • मंगाई गई तीन करोड़ की मशीन, प्राइवेट में 70 हजार तक खर्च

दैनिक भास्कर

Jun 04, 2020, 08:17 AM IST

पटना. राज्य में पहली बार किसी सरकारी अस्पताल में लेसिक सर्जरी की सुविधा बहाल होगी। अब आईजीआईएमएस में आंखों से चश्मा हटाने के लिए लेसिक सर्जरी की सुविधा मरीजों को मिलेगी। इसके लिए करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से लेसिक सर्जरी मशीन मंगाई जा रही है। इसके लिए टेंडर भी निकल चुका है।

उम्मीद है यह सुविधा अगस्त के महीने से मिलने लगेगी। आईजीआईएमएस में नेत्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा के मुताबिक लेसिक सर्जरी 18 या 19 साल के बाद ही की जाती है। इस उम्र में आंखों का पावर स्थिर हो जाता है। मायोपिया और हाइपर मेट्रोपिया से पीड़ित मरीज के आंखों से लेसिक सर्जरी के जरिए चश्मा हटाया जा सकता है।

जिनका पावर-घटता बढ़ता है उनके लिए लेसिक सर्जरी नहीं है। हालांकि एक बड़ा फायदा यह है कि मरीज जिस दिन लेसिक सर्जरी कराता है उसी दिन उसको घर जाने की छुट्टी भी मिल जाती है। ओपीडी के तर्ज पर लेसिक सर्जरी की सुविधा मिलती है। प्राइवेट में लेसिक सर्जरी कराने का खर्च करीब 60 से 70 हजार रुपए लिया जाता है। सरकारी अस्पताल में चश्मा हटाने का खर्च 20 से 25 हजार रुपए आएगा। 

खिलाड़ियों के लिए उपयोगी
चश्मा हटाने के लिए आज की तारीख में काफी लोग राज्य से बाहर चले जाते हैं। हालांकि बिहार में भी कुछ प्राइवेट क्लिनिक लेसिक सर्जरी की सुविधा मिल रही है। राज्य में काफी संख्या में मरीज हैं जो मायोपिया और हाइपर मेट्रोपिया से पीड़ित हैं। उनके आंखों पर अधिक पावर का लगा चश्मा दिखने में काफी मोटा होता है। कई इससे आजादी पाने के लिए लेसिक सर्जरी को चुनते हैं। कुछ लोगों (खिलाड़ियों की) पेशागत जरूरतें ऐसी होती हैं कि वो हमेशा चश्मा पहन कर नहीं रह सकते ऐसे लोगों को भी लेसिक सर्जरी से काफी फायदा हुआ है। हालांकि सेना की नौकरी में अभी इसे मान्यता नहीं मिली है।

Source link