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Patna News In Hindi : In June this year, there was almost twice as much rainfall as normal, 50 percent more in July than last year. | इस साल जून में सामान्य से लगभग दोगुनी हुई अधिक वर्षा, जुलाई में भी गत वर्ष की तुलना में 50 फीसद ज्यादा

  • किसानी पर पड़ रहा सकारात्मक असर, खरीफ के फसलों के बेहतर उत्पादन की है लोगों को उम्मीद

दैनिक भास्कर

Jul 11, 2020, 04:22 AM IST

जहानाबाद. इस साल जून माह में औसत से लगभग दोगुनी से भी अधिक वर्षा हुई है। अगर विगत पांच वर्षों के वर्षापात के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो विगत पांच वर्षों में जून महीने में इस साल सबसे अधिक और अच्छी बारिश हुई है। जून माह में सामान्य औसत वर्षा 122.30 मिलीमीटर होने का अनुमान लगाया जाता है। वर्ष 2015 के जून में 129.54 मिलीमीटर वर्षापात हुआ था, जो सामान्य औसत वर्षापात से 5.92% अधिक था। इसके बाद के वर्षों में जून माह में लगातार वर्षापात में गिरावट दर्ज की गई।

अगले वर्ष 2016 में 76.97 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो औसत वर्षापात से 37.06% कम थी। वहीं वर्ष 2017 में 92. 57 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो औसत वर्षापात से 24.31% कम थी। वर्ष 2018 में 54.52 मिलीमीटर वर्षापात हुई थी, जो औसत वर्षापात से 55.42 फीसदी कम वर्षापात हुई थी। गत वर्ष भी 2019 में 35.09 मिलीमीटर वर्षापात जून माह में हुई थी, जो औसत सामान्य वर्षापात से 71.31 फीसदी कम वर्षा हुई थी। इस तरह से देखे तो विगत कई वर्षों से जून माह में लगातार बारिश का ग्राफ गिरता गया है।

जिससे खेती-किसानी के साथ-साथ जिले वासियों को पेयजल की समस्या से भी जूझना पड़ा था। लेकिन वर्ष इस वर्ष जून माह में 261 मिलीमीटर वर्षापात दर्ज किया गया है, जो सामान वर्षापात से 113.41 फीसदी अधिक वर्षा हुई है। वहीं जुलाई माह में वर्ष 2015 में 127.92 मिलीमीटर वर्षा हुई थी जो सामान्य औसत वर्षापात से 52.59 फीसदी कम था।वहीं वर्ष 2016 में 292 मिलीमीटर वर्षा हुई थी जो सामान्य औसत वर्षापात से 8.23 फीसदी अधिक हुई था।

वर्ष 2017 में जुलाई माह में 277.50 मिलीमीटर वर्षा हुई थी जो सामान्य औसत वर्षापात से 2.85 फीसदी अधिक था। इसी तरह वर्ष 2018 में 174.55 मिलीमीटर वर्षापात हुई थी, जो सामान्य औसत वर्षापात से 35.30 फीसदी कम हुई थी। पिछले वर्ष 18 जुलाई तक 129.34 मिलीमीटर वर्षा हुई थी जो सामान्य औसत वर्षापात से 17.44 फीसदी कम था। लेकिन इस वर्ष अब तक लगभग 50 मिलीमीटर से अधिक वर्षापात हो चुका है।

तेजी के साथ रोपनी का हो रहा कार्य
कृषि कार्य खासकर धान की रोपनी काफी तीव्र गति से किया जा रहा है। आये दिन हो रही बारिश से लोग यह अनुमान लगा रहे हैं कि इस वर्ष बरसात की स्थिति काफी अच्छी रहेगी। जिसकी वजह से धान की रोपनी समय से बेहतर तरीके से हो पाएगी और इसका अनुकूल प्रभाव समग्र खरीफ के उत्पादन पर पड़ेगा।

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