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Patna News In Hindi : Infected with positive reports, neither the place found in quarantine center nor in AIIMS ward can increase the chain | पॉजिटिव रिपोर्ट लेकर भटकता रहा संक्रमित, न क्वारेंटाइन सेंटर में और न ही एम्स के वार्ड में मिली जगह, बढ़ सकती है चेन

  • महावीर कैंसर संस्थान में कैंसर की सर्जरी से पहले लिए गए सैंपल में पाया गया था संक्रमित

दैनिक भास्कर

Jul 10, 2020, 06:14 AM IST

पटना. एक ओर जहां कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर से गुरूवार को फुलवारीशरीफ का एक संक्रमित कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट लेकर पटना की सड़कों पर भटकता रहा। क्वारेंटाइन सेंटर जाने के लिए टेंपो और बस का भी सहारा लिया, लेकिन पॉजिटिव मरीज के एसिंप्टोमैटिक होने के कारण किसी को यह भनक तक नहीं लगी कि पड़ोस में बैठा युवक कोरोना पॉजिटिव है। अब इस युवक से कई लोगों को कोरोना फैलने की संभावना है।

कैंसर का इलाज कराना था, जांच हुई तो कोरोना पॉजिटिव निकला
मरीज ने बताया कि उसे फस्ट स्टेज का मुंह का कैंसर है। ऑपरेशन के लिए महावीर कैंसर संस्थान में मुख्यमंत्री सहायता योजना के तहत 32 हजार रुपए भी जमा हो गए हैं। लेकिन, ऑपरेशन से ठीक पहले कराए गए कोरोना जांच में रिपोर्ट पॉजिटव आ गई। कैंसर संस्थान ने फोन पर कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी के साथ एम्स या अन्य कोरोना अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी।  

ऑटो से निकला घर से पहुंचा बामेती, फिर पहुंचा एम्स फिर बस से गया बिहारशरीफ 
30 वर्षीय संक्रमित युवक सीधे अपने घर से पहले बामेती पहुंचा। बामेती में मरीज को रखने से इंकार कर एम्स पटना में जाने को कहा गया। मरीज ऑटो से एम्स पटना पहुंचा। जहां पहले से तीन-चार कोरोना संक्रमित कोविड वार्ड के बाहर खड़े थे। गार्ड ने बताया कि डाक्टर साहब ने कहा कि बेड खाली होने पर भर्ती किया जाएगा। चार घंटे बाद जब कोई बुलावा नहीं आया तो संक्रमित बस से अपने पुश्तैनी घर बिहारशरीफ रवाना हो गया।

सिविल सर्जन ने नहीं उठाया फोन, एम्स प्रशासन ने भी टरकाया
इस मामले में सिविल सर्जन को जब फोन लगाया गया तो उन्हाेंने बात नहीं की। वहीं, एम्स के नोडल अधिकारी डा संजीव कुमार ने बताया कि मरीज में कोई लक्षण नहीं है और वह पॉजिटिव होने के बावजूद स्टेबल है इसलिए उसे होम क्वारेंटाइन रहने की सलाह दी गई है। हालांकि, एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल जाने और सड़कों पर भटकने के दौरान कितने लोग इस संक्रमित के संपर्क में आए होंगे और कितनों को संक्रमण होने का खतरा होगा? इसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।

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