BIHARMIRROR

Welcome to Biharmirror

Patna News In Hindi : Remove animal husbandry tax, unemployment, migrants have preference | पशुपालन कर दूर करें बेरोजगारी, प्रवासियों को तरजीह

दैनिक भास्कर

Jul 14, 2020, 08:25 AM IST

नवादा. काम के अभाव में रोजी-रोटी के लिए दूसरे प्रदेशों में मजदूरी के लिए जाने वाले लोग पशुपालन करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकते हैं। इसके लिए गाय, भैंस व बकरी पालन के लिए पचास फीसदी अनुदान दिया जाएगा। साथ ही पशु शेड की भी व्यवस्था होगी। अगर विपरीत परिस्थितियों में पशु की मौत होती है तो पशुपालक को बीमा के लाभ से पशु की क्षतिपूर्ति की जायेगी। पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.  मिथिलेश  कुमार ने बताया कि गव्य विकास कार्यक्रम के तहत इच्छुक लोगों से जिला कार्यालय में योजना के लाभ के लिए अगस्त माह से आवेदन लिया जाएगा।
गाय-भैंस के लिए 60 हजार की स्वीकृति
पशुपालन के लिए गाय और भैंस की दो, चार या दस की संख्या में यूनिट बनाई गई है। जबकि बकरी पालन में दस, बीस और चालीस की यूनिट बनाई गई है। गाय या भैंस के लिए प्रति पशु करीब साठ हजार और बकरी के लिए चार हजार तक की राशि स्वीकृत की जाती है। उन्होंने बताया कि यदि दो गाय की यूनिट लगाना चाहते हैं तो कुल कीमत एक लाख बीस हजार की सहायता मिलेगी।  इसमें पचास फीसदी अनुदान सरकार देगी। इसके अलावा हाट से जानवर लाने और पशु शेड के लिए चालीस हजार रुपये अनुदान की भी व्यवस्था है। विपरीत परिस्थितियों में यदि किसी पशु की मौत हो जाती है तो उससे पशुपालक को काफी नुकसान होता है। इस नुकसान की भरपाई के लिए पशु की खरीद पर कम से कम एक वर्ष का बीमा जरूरी है। पशुपालक तीन वर्षों का बीमा भी करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि  प्रति वर्ष एक पशु के लिए बीमा का लाभ उठाने के लिए पशुपालक को तीन हजार रुपये प्रीमियम के रुप में देना होगा। दो गाय अथवा भैंस पर यह प्रीमियम की राशि दोगुनी यानि छह हजार देनी होगी। 
अब तत्काल की जाएगी  सभी पशुओं की टैगिंग
पशु चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि इधर के लोग ज्यादातर बख्तियारपुर हाट से पशुओं की खरीद करते हैं। हाट में पशु खरीदने के दौरान अधिकारी वहां मौजूद रहते हैं। तत्काल पशुओं की टैगिंग की जाती है। उन्होंने बताया कि यूनिट के अनुसार लाभ की राशि घट या बढ़ सकती है। विभाग द्वारा निर्धारित सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही योजना का लाभ मिल सकेगा।

Source link