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Vikas Dubey Arrested; Kanpur Encounter News | Know How History Sheeter and UP Wanted Gangster Vikas Dubey Reach To Madhya Pradesh Mahakal Temple From Kanpur Bikaru Village | गैंगस्टर की गिरफ्तारी से उठते 10 सवाल: विकास ने 4 राज्यों में 1250 किमी का सफर तय किया, लेकिन उसे रोका सिर्फ महाकाल मंदिर के गार्ड ने

  • कानपुर शूटआउट के बाद विकास दुबे की लोकेशन पहले औरेया, फिर फरीदाबाद में मिली थी

दैनिक भास्कर

Jul 10, 2020, 08:21 AM IST

कानपुर/उज्जैन. यूपी के आठ पुलिसवालों की हत्या के बाद छह दिन से फरार गैंगस्टर विकास दुबे की गुरुवार सुबह उज्जैन से गिरफ्तारी हुई। इसे पुलिस की कार्रवाई कम और विकास दुबे का सोचा-समझा सरेंडर ज्यादा माना जा रहा है। 

वजह यह कि जितने आराम से उसकी महाकाल मंदिर से गिरफ्तार हुई, वह कई सवाल खड़े कर रही है। छह दिन तक वह चार राज्यों में घूमता रहा। इनमें से तीन राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार है। विकास दुबे ने इस दौरान 1250 किलोमीटर का सफर बाइक, ट्रक, कार और ऑटो से तय किया। यूपी पुलिस के 100 जवान उसकी तलाश में थे, लेकिन वह गिरफ्त से दूर रहा। उसे आखिरकार महाकाल मंदिर के गार्ड ने पहचाना और निहत्थे सिपाहियों ने पकड़ लिया।

1. शूटआउट के बाद दो दिन कानपुर में कैसे रहा?
मामला बीते गुरुवार यानी 2 जुलाई को शुरू हुआ। विकास दुबे को गिरफ्तार करने यूपी पुलिस ने कानपुर के पास बिकरू गांव में दबिश दी। विकास और उसके गुर्गों ने डीएसपी रैंक के सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। शूटआउट के दौरान वह घर के पीछे खड़ी बाइक से भाग निकला। विकास दो दिनों तक कानपुर के शिवली में ही दोस्त के घर ठहरा रहा, लेकिन यूपी एसटीएफ और 40 थानों की पुलिस उसका पता नहीं लगा सकी। 

2. कानपुर से 92 किमी दूरी तय कर औरैया कैसे पहुंचा?
शिवली के बाद विकास एक ट्रक में सवार हो गया। वह 92 किलोमीटर की दूरी तय कर औरैया पहुंच गया। सख्त नाकेबंदी के बावजूद यूपी पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर पाई। 

3. औरैया से 385 किमी की दूरी तय कर फरीदाबाद कैसे पहुंच गया?
औरैया के बाद विकास हरियाणा के फरीदाबाद पहुंचा। माना जा रहा है कि उसने किसी की कार से 385 किलोमीटर की दूरी तय की। सोमवार दोपहर 3:19 बजे उसकी आखिरी लोकेशन फरीदाबाद मिली थी।

4. फरीदाबाद में सीसीटीवी में दिखा, लेकिन गिरफ्त में कैसे नहीं आया?
हरियाणा पुलिस और यूपी एसटीएफ की टीम फरीदाबाद के होटल में पहुंचती, इससे पहले विकास दुबे वहां से निकल गया। सीसीटीवी में बस उसकी एक झलक दिखाई दी, जिसमें वह एक ऑटो में बैठता दिखा। बाद में वह एक रिश्तेदार के घर में भी रहा। यहां भी पुलिस के पहुंचने से पहले वह भाग निकला। 

5. फरीदाबाद से 773 किमी दूर उज्जैन किस रास्ते पहुंचा? 
विकास सोमवार को फरीदाबाद में दिखा था। इसके बाद वह कहां रहा, यह नहीं पता। सीधे गुरुवार सुबह उज्जैन में उसकी गिरफ्तारी हुई। 773 किमी लंबा सफर तय करने के दो रास्ते हैं। या तो हरियाणा, यूपी के रास्ते मध्यप्रदेश पहुंचे। या फिर हरियाणा, राजस्थान के रास्ते मध्यप्रदेश तक आएं। एक थ्योरी यह बता रही है कि वह उज्जैन पहुंचने से पहले मध्यप्रदेश के शहडोल में था। यह शक इसलिए गहराता है क्योंकि मंगलवार को यूपी एसटीएफ ने शहडोल से विकास दुबे के साले ज्ञानेंद्र और भतीजे आदर्श को उठाया था। 

6. फरीदाबाद से उज्जैन तक किसी राज्य की पुलिस ने उसे नहीं देखा और देखा तो महाकाल मंदिर के गार्ड ने
सवाल यह भी है कि क्या विकास के पास कोई गाड़ी थी, जिसके जरिए वह इतने राज्यों की सीमा पार करते हुए मध्यप्रदेश में दाखिल हुआ? फरीदाबाद में फुटेज नजर आने के बाद पुलिस चौकस थी। फिर भी वह 17-18 घंटे का रास्ता तय कर उज्जैन तक कैसे पहुुंच गया? हरियाणा, यूपी, एमपी की पुलिस उसका पता नहीं लगा पाई। उसकी पहचान सीधे महाकाल मंदिर के गार्ड ने की।

7. क्या ये सोचा-समझा सरेंडर नहीं है?
ये गिरफ्तारी नहीं, सोचा-समझा सरेंडर है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि 8 पुलिसवालों की हत्या का आरोपी गैंगस्टर आराम से वीआईपी दर्शन की पर्ची कटवाकर महाकाल मंदिर में दाखिल होता है। पुलिस उसके बाहर निकलने का इंतजार करती है और गेट पर उसे गिरफ्तार कर लेती है। गिरफ्तारी भी लोकल थाने की पुलिस करती है। किसी एसटीएफ, कमांडो या एटीएस की जरूरत नहीं पड़ती।

8. क्या दो वकीलों ने विकास को लखनऊ से उज्जैन छोड़ा?
विकास दुबे के सरेंडर करने के बाद उज्जैन पुलिस ने दो वकीलों को हिरासत में लिया है। उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। दोनों वकील अपनी गाड़ी से उज्जैन आए थे। फिर लखनऊ लौटने वाले थे।

9. क्या इसमें खादी और खाकी की मिलीभगत है?
यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह भी यही सवाल उठा रहे हैं कि विकास उज्जैन तक कैसे पहुंचा? वे कहते हैं कि अब विकास से पूछताछ की जाए तो बड़े-बड़े लोगों के नाम सामने आएंगे। इसमें आईएएस, आईपीएस, नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं। विकास का उज्जैन में पकड़ा जाना समझ से बाहर है।

10. कांग्रेस सीधे-सीधे आरोप क्यों लगा रही है?
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह खुलकर कह रहे हैं- ‘यह तो उत्तरप्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेंडर लग रहा है। मेरी सूचना है कि मध्यप्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से यह संभव हुआ है। शिवराज बिना किसी कारण के श्रेय ले रहे हैं। श्रेय तो गृह मंत्री जी को देना चाहिए। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा (मौजूदा गृह मंत्री) भाजपा के कानपुर जिले के प्रभारी थे।’

विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान सबसे पहले आया था। उन्होंने कहा, ‘हमने पूरी मध्यप्रदेश की पुलिस को अलर्ट पर रखा था। निगाह रखी जा रही थी। इंटेलिजेंस की बातें सीधी नहीं बताई जातीं। हम इसकी मर्म तक जाएंगे।’ गिरफ्तारी मंदिर से बाहर हुई या अंदर, इस सवाल पर उन्होंने कहा- बाहर हो, अंदर हो, मंदिर को बीच में न लाएं।

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